Monday, February 24, 2020

मोदी सरकारने 34 % लोगो के लिए 66% का दानापानी क्यों कम किया?














मोदी सरकारने 34 % लोगो के लिए 66% का दानापानी क्यों कम किया?-प्रो.हरी नरके

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हर इलेक्शन कॅम्पेन में मैं खुद पिछडे समाज सें हूं की गुहार लगाते घुमते हैं! लेकीन जब देश के बजट मुद्दा आता हैं तो वें 34% उंचे लोगों के लिए ही काम करते हैं. 2014 से हरसाल उन्होंने अनुसुचित जाती और अनुसुचित जनजाती के बजट में कटौती की हैं. दुर्भाग्य यह हैं की इसके बारे में अर्थशास्त्री होकर भी राज्यसभा सदस्य डॉ. नरेंद्र जाधव और राज्यमंत्री रामदास आठवले व्यक्तीगत फायदे के लिए चुप्पी साधे बैठते हैं. इस महत्वपुर्ण विषयपर अनु.जाती/ जनजाती के 131 सांसद भी चूप क्यों हैं? विपक्ष और मिडीयां भी मुह कों ताला लगाकर बैठे हैं.

मोदीजी ने आते ही प्लान बजट और नॉनप्लान बजट का हिसाबकिताब बंद करवा दिया. क्यों? क्यों की प्लान बजट से 25 फिसदी पैसा अनु.जाती/जनजाती के विकास के लिए दिया जाता था. शेड्युल्ड कास्ट सब प्लान और शेड्युल ट्राइब सब प्लान का यह पैसा हर गाव, देहात, बस्तीतक पहुंचता था. उनके पढाई, दवाई, रोजगार, बिजली, सडक, पाणी, घर, अनाज के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
2020-21 का बजट 30,42,230  करोड रुपिया का हैं.
उसमें से अनुसुचित जाती के विकास के लिए कितना पैसा दिया गया हैं? रु. 83,257+ रु. 53,653 =1,36,910  करोड रु.

मिलना कितना चाहिए था? रु. 3,04,223  करोड रु. याने की मोदी सरकारने इनके विकास के पैसे में कटौती कितनी की हैं? 1,67,313  करोड रु. की. याने की जितना दिया हैं वह आधे से कम हैं.

अगर बराबर मिलता तो हर अनु.जाती/जनजाती के नागरिक के पक्ष में एक साल के लिए 9,506 रुपिया उपलब्ध होता. अब उसमे से आधे से कम याने की4278  रुपिया ही मिला हैं.

सरकार के आंकडे कहते हैं की, देश में अनु.जाती/जनजाती की आबादी करीब करीब 25 फिसदी हैं और ओबीसी की 41 फीसदी. तिनो की कुल आबादी 66%

जो मोदीसाहब अपने आप को अन्य पिछडी जाती का सदस्य होनेका दावा करते हैं उनके लिए उन्होंने अपने बजट सिर्फ और सिर्फ रु. 2210 करोड. इसका मतलब हर ओबीसी नागरिक के लिए एक साल के लिए आता हैं रु.34/- मात्र. हर दिन के लिए 9/- पैसा. क्यों की मोदीजी खुद ओबीसी हैं तो उन्होंने ओबीसी के विकास का कितना ध्यान रखा हैं!

बंगाल और बिहार राज्यों कें चुनाव जल्द ही आनेवाले हैं. इन दो राज्यों में अल्पसंख्यक समाज की संख्या सबसे ज्यादा हैं. इसलिए शायद देश के 26 करोड मायनॉरिटी के विकास के लिए 1820  करोड रु. का प्रावधान किया हैं. हरएक व्यक्ती के लिए सालभर के लिए मिलेगा रु. 91//-

एस.सी., एस.टी. ओबीसी, मायनॉरिटी को इसे पढकर खुशिया मनानी चाहिए. क्योंकी मोदीजी इनके चहेते हैं. जय मोदीजी. जय 9/- पैसा.
-प्रो. हरी नरके
संदर्भ के लिए पढिए-
https://www.indiabudget.gov.in/doc/Budget_at_Glance/bag5.pdf
https://www.indiabudget.gov.in/budgetglance.php
https://www.indiabudget.gov.in/doc/Budget_at_Glance/bag7.pdf
https://www.indiabudget.gov.in/doc/Budget_at_Glance/bag6.pdf
https://www.indiabudget.gov.in/doc/eb/stat3a.pdf
https://www.indiabudget.gov.in/expenditure_profile.php
https://www.indiabudget.gov.in/
https://www.indiabudget.gov.in/doc/Budget_at_Glance/bag1.pdf

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